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संविधान सभा | प्रारूप समिति | संविधान का निर्माण

                     

                             भारतीय संविधान सभा 

भारत की संविधान सभा , संविधान का निर्माण
भारतीय संविधान
  • कैबिनेट मिशन की संस्तुतियों के आधार पर भारतीय संविधान का निर्माण करने वाली संविधान सभा का गठन जुलाई 1946 ई. में किया गया ।
  • कैबिनेट मिशन के सदस्य - 1. सर स्टेफोर्ड किप्स
                                       2. लॉर्ड पेंथिक लाॅरेंस
                                       3. ए. बी. एलेक्जेण्डर
  • संविधान सभा का विचार सर्वप्रथम स्वराज पार्टी ने 1924 ई. में प्रस्तुत किया।
  • संविधान सभा के कुल सदस्य = 389 
  • जिसमें ब्रिटिश प्रांत से = 289 सदस्य
  • चीफ कमिश्नरी क्षेत्रो से = 4 सदस्य
  • देशी रियासतों के = 93 प्रतिनिधि थे।
  •  389 सदस्यों में से 296 सदस्यों के लिए चुनाव हुए , इसमें कांग्रेस को 208 , मुस्लिम लीग को 73 एवम् 15 अन्य दलों के निर्वाचित हुए।
  • 9 दिसंबर 1946 को सभा की प्रथम बैठक नई दिल्ली में हुई।
  • डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को सभा का अस्थाई अध्यक्ष बनाया चुना गया।

संविधान सभा की प्रमुख समितियां एवम् उनके अध्यक्ष

  1. संचालन समिति   =  डॉ. राजेन्द्र प्रसाद 
  2. संघीय संविधान समिति = पं. जवाहर लाल नेहरू
  3. प्रांतीय संविधान समिति = सरदार वल्लभभाई पटेल
  4. प्रारूप समिति = डॉ. भीमराव अम्बेडकर
  5. संघ शक्ति समिति = पं. जवाहर लाल नेहरू 
  6. मौलिक अधिकारों एवं अल्पसंख्यको संबंधित समिति =   सरदार वल्लभभाई पटेल
  7. राष्ट्र ध्वज संबंधी ताधर्त समिति = डॉ. राजेन्द्र प्रसाद     
प्रारूप समिति :-

संविधान सभा द्वारा 29 अगस्त 1947 ई. को प्रारूप समिति का गठन किया गया जिसमें 7 सदस्य शामिल किए गए जो निम्न है।

1.डॉ. भीमराव अम्बेडकर (अध्यक्ष)
2. एन. गोपाल स्वामी आयंगर
3. अल्लादी कृष्णा स्वामी अय्यर
4. कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी
5. सैय्यद मोहम्मद सादुल्ला
6. एन. माधव राव (बी.एल. मित्र के स्थान पर)
7. डी. पी. खेतान (1948 ई. में इनकी मृत्यु के बाद टी. टी. कृष्माचारी को सदस्य बनाया गया). संविधान सभा में अम्बेडकर का निर्वाचन पश्चिम बंगाल से हुआ था
  • 3 जून, 1947 ई. की योजना के अनुसार देश का बंटवारा हो जाने पर भारतीय संविधान सभा की कुल सदस्य संख्या 324 नियत की गई, जिसमें 235 स्थान प्रांतों के लिय और 89 स्थान देसी राज्यों के लिए थे।
  • देश-विभाजन के बाद संविधान सभा का पुनर्गठन 31 अक्टूबर, 1947 ई. को किया गया और 31 दिसंबर 1947 ई. को संविधान सभा के सदस्यों की कुल संख्या 299 थीं, जिसमें प्रांतीय सदस्यों की संख्या 229 एवम् देसी रियासतों के सदस्यों की संख्या 70 थी।
  • प्रारूप समिति ने संविधान के प्रारूप पर विचार विमर्श करने के बाद 21 फरवरी, 1948 ई. को संविधान सभो को अपनी रिपोर्ट पेश की.
  •  संविधान सभा में संविधान का प्रथम वाचन 4 नवंबर से 9 नवंबर, 1948 ई. तक चला।
  • संविधान पर दूसरा वाचन 15 नवंबर 1948 ई० से 17 अक्टूबर, 1949 ई० तक चला
  • संविधान का तीसरा वाचन 14 नवंबर, 1949 ई० से 26 नवंबर 1949 ई० तक चला।
  • संविधान सभा द्वारा संविधान को पारित कर दिया गया. इस समय संविधान सभा के 284 सदस्य उपस्थित थे.
  • संविधान निर्माण की प्रक्रिया में कुल 2 वर्ष, 11 महीना और 18 दिन लगे. इस कार्य पर लगभग 6.4 करोड़ रुपये खर्च हुए.
  • संविधान के प्रारूप पर कुल 114 दिन बहस हुई।
  • संविधान को जब 26 नवंबर, 1949 ई० को संविधान सभा द्वारा पारित किया गया, तब इसमें कुल 22 भाग, 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां थीं । वर्तमान समय में संविधान में 25 भाग, 395 अनुच्छेद एवं 12 अनुसूचियां हैं । 
  • संविधान के कुछ अनुच्छेदों में से 15 अर्थात 5, 6, 7, 8, 9, 60, 324, 366, 367, 372, 380, 388, 391, 392 तथा 393 अनुच्छेदों को 26 नवंबर, 1949 ई० को ही परिवर्तित कर दिया गया; जबकि शेष अनुच्छेदों को 26 जनवरी, 1950 ई० को लागू किया गया ।
  •  संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी, 1950 ई० को हुई और उसी दिन संविधान सभा के द्वारा डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भारत का प्रथम राष्ट्रपति चुना गया 
                                                                                            

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